8 Ayurveda Ways to Remove Infertility in Hindi

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8 Ayurveda Ways to Remove Infertility in Hindi

बांझपन – 8 आयुर्वेद तरीके आपकी मदद कर सकते हैं!

प्रतिस्पर्धा के आधुनिक युग में आज महिलाएं घर और ऑफिस दोनों मोर्चे संभाल रही है ।इस आपाधापी भरी जिंदगी में आज कोई भी इंसान एक पल भी चैन से नहीं बैठ पाता हैं । आज हर इंसान अधिक से अधिक संसाधनों को जुटाने के कारण तनाव में जी रहा है और उसे पता भी नहीं चलता कब वह डिप्रेशन, मोटापा, थायराइड आदि बीमारियों का शिकार हो जाता है इन्हीं सब बीमारियों में एक बीमारी बांझपन है । जो आज हर 5 वीं महिला इसका शिकार बनती जा रही है । वैसे तो महिला एवं पुरुषों में बांझपन के कई कारण होते हैं (Increase fertility in men and woman ) तो आइए मुख्य कारणों के बारे में जानते हैं :-       

1. विलम्ब से विवाह ( Late marriage ) :-       

आधुनिक युग में हर लड़के लड़कियों की समस्या है विलंब से विवाह । युवाओं की उम्र 30 – 40 साल तक तो कॅरियर बनाने के चक्कर में निकल जाती है । शादी की तरफ उनका ध्यान ही नहीं जाता है । फिर गलत खानपान और गलत दिनचर्या के चलते शरीर में प्रजनन क्षमता कम हो जाती है । आगे जाकर यही बांझपन का कारण बन जाता है।       

2. अनियमित महावारी —       

गर्भधारण करने के लिए नियमित महावारी का होना आवश्यक है । यदि महावारी अनियमित हैं तो बांझपन जैसी प्रॉब्लम का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता हैं ।       

3. स्त्री में डिंब व पुरुषों में शुक्राणुओं की कमी –       

स्त्री में डिब ग्रन्थि के अवरुद्ध होने पर या फिर पुरूष में शुक्राणुओं की संख्या में कमी होने पर गर्भ धारण में समस्या आती है । कई बार यह बीमारी आनुवांशिक भी होती है । इसके अलावा ओवरी सिंड्रोम, गर्भाशय में सूजन , गर्भाशय में सिस्ट या फाइब्रॉयड्स, खून की कमी या थायराइड जैसी कई समस्याओं के चलते बच्चा कंसीव करने में प्रॉब्लम आती है ।       

4. अत्यधिक नशीली चीजों का सेवन —       

शराब या दूसरी नशीली चीजों के सेवन के कारण शरीर में प्रजनन क्षमता में कमी आ जाती है और बांझपन की समस्या की औरतें शिकार हो जाती है । अत्यधिक मोटा या पतला होने का कारण भी बांझपन हो सकता है । नशीले पदार्थों के सेवन से न केवल महिलाओं को प्रॉब्लम होती हैं बल्कि इससे पुरूष भी बांझपन के शिकार हो रहे हैं । इसी तरह पुरुषों में असन्तुलित हार्मोन्स एवं शुक्राणुओं की कमी के कारण से बांझपन की समस्या बढ़ रही हैं ।       

बांझपन को दूर करने के 8 उपाय- ( Infertility Treatment in Ayurveda )       

आयुर्वेद में महंगी दवाओं की जगह प्राकृतिक चीजों से बनी औषधियों का प्रयोग किया जाता है । जिसका शरीर पर कोई भी साइड इफेक्ट्स नही होता इसलिए आजकल लोगों का भरोसा आयुर्वेद चिकित्सा पर ज्यादा हो रहा है ।आयुर्वेद हर बीमारी को जड़ से काटने की       

हिम्मत रखता है । उचित खानपान के साथ आयुर्वेदिक दवाइयां अपना जोरदार असर दिखाती है । तो आइए उन मेडिसिन के बारे में जानते हैं :-       

1.अश्वगंधा की छाल (medicinal plant)       

अश्वगंधा की छाल रक्त कोशिकाएं खोलती है और प्रजनन शक्ति को बढ़ाती है । इसके अलावा गर्भाशय की सूजन व अन्य बीमारियों को ठीक करती है । अश्वगंधा का चूर्ण गर्म पानी के साथ नियमित दिन में 1चम्मच दो बार लेने से बहुत ज्यादा फायदा मिलता है ।       

2. अनार (pomegranate)       

अनार रक्त संचार को ठीक करता है । हिमोग्लोबिन को तेजी से बढ़ाता है । अनार का नियमित सेवन गर्भपात की समस्या से भी छुटकारा दिलाता है । अनार के बीजों को सुखा कर चूर्ण बनाकर गर्म पानी में दिन में 2 बार सेवन करने से या फिर ताजा जूस पी लेने से भी बांझपन की समस्या से निपटा जा सकता है ।       

3. स्वेदनम

आयुर्वेद में इस विधि का उपयोग चिकित्सकों द्वारा बांझपन से ग्रस्त मरीजों के शरीर से विषाक्त पदार्थों को पसीने के रूप में बाहर निकालने के लिए किया जाता है । यह प्रॉसेस कंबल की मदद से किया जाता है । इससे मरीज़ की प्रजजन क्षमता में इज़ाफ़ा होता हैं ।       

4.खजूर (Date)       

खजूर का प्रयोग सर्दियों में रोजाना करने से शरीर में हीमोग्लोबिनकी मात्रा बढ जाती है ।खजूर से शरीर में गर्माहट भी आती है । खजूर गर्भधारण करने के लिए प्रजनन शक्ति को बढ़ाता है । इसमें विटामिन ए और बी प्रचुर मात्रा में होता है । गुणाकारी खजूर में लोहा व खनिज तत्व विद्यमान होते जो महिलाओं में प्रजनन शक्ति को बढ़ा कर स्वस्थ बच्चे को कंसीव करने में योगदान देते हैं ।रोजाना रात में 8-10 खजूर को भिगोकर सुबह इसका सेवन करने से बहुत लाभ मिलता है ।       

7. वामनम 

इसे आयुर्वेद में डिटॉक्स थेरेपी कहा जाता हैं । इसमे उल्टी के माध्यम में शरीर में मौजूद अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकाला जाता हैं जिससे शरीर स्वस्थ हो पर गर्भधारण की क्षमता में बढ़ोतरी हो । यह थोड़ी मुश्किल है मगर आयुर्वेदिक डॉक्टर्स ने बांझपन की प्रॉब्लम को दूर करने के लिए इसे आदर्श थेरेपी के रूप में विकसित किया हैं ।       

6. बरगद के पेड़ की जड़ (Root of Banyan tree )

बरगद की जड़ को धूप में सुखाकर इसका चूर्ण बनाकर गर्म पानी में खाली पेट पीने से माहवारी चक्र नियमित होता है।और खून शुद्ध होता है जिससे गर्भ धारण की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है।       

7. योगासन (yoga)       

आयुर्वेद में हर बीमारी का इलाज योग क्रिया में छुपा हुआ है । बांझपन में भी अगर नियमित योगा जैसे हस्त पादन , नाड़ी शोधन ,भ्रामरी प्राणायाम ,योग निद्रा इत्यादि करने से बहुत लाभ मिलता है । लेकिन यह योग किसी कुशल एक्सपर्ट की देखरेख में करना चाहिए ।       

8. संतुलित भोजन ( Healthy Diet )       

संतुलित भोजन करने से शरीर ऊर्जावान बनता है । शरीर मे स्फूर्ति का संचार होता है और प्रजनन क्षमता कई गुणा तक बढ़ जाती है । जिसकी जरूरत बच्चे को पैदा करने के लिए होती है । रोजाना अपने खाने में दूध, दही, फल और हरी सब्जियों की प्रचुरता रहने से शरीर की अंदरूनी ताकत बढ़ जाती है जिससे गर्भधारण करने में मुश्किलें दूर हो जाती हैं

9. अन्य उपाय

 आयुर्वेद ने बाझपन दूर करने के कई उपाय बताये हैं उनमें से एक है पंचकर्मा पद्धति से भी बाझपन दूर किया जा सकता हैं । बॉडी में विटामिन डी की कमी को पूरा करने से भी लाभ होगा ।    

यदि आप किसी प्रकार की बांझपन से पीड़ित है तो आप आशा आयुर्वेदा  से संपर्क कर सकते है । 

वेबसाइट – www.aashaayurveda.com , हमें कॉल करे  +91 9811773770

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